विभिन्न श्रेणियों में स्वदेशीकरण हासिल किया गया

कम लागत का लाभ हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में उपकरण / प्रणालियाँ सफलतापूर्वक विकसित की गई हैं। हाल ही में कमीशंड वर्ग का पहला जहाज लागत के आधार पर 71% फ्लोट के तहत, 70% गतिक के तहत और 98% युद्धक वर्ग के तहत (और 88%, 90% और 77% क्रमशः संख्या के आधार पर) स्वदेशी उपकरण के साथ सबसे 'स्वदेशीकृत' जहाज रहा है।

उपरोक्त का विश्लेषण इंगित करता है कि मुख्य प्रणोदन, विद्युत ऊर्जा उत्पादन, अग्नि नियंत्रण रडार, आयुध, तोप-विधा उपकरण, मिसाइलों और टारपीडो जैसे उच्च मूल्य वाली प्रणालियों का एक बड़ा हिस्सा अभी भी विदेशों से प्राप्त किया जा रहा है। सामान्य लागत वाले 200 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपये तक के नौसेना के प्लेटफ़ॉर्म के साथ, यह स्पष्ट है कि जहाज निर्माण लागत के प्रमुख हिस्से नौसेना के उपकरणों और प्रणालियों के आयात पर खर्च होते हैं।

उपरोक्त से यह अनुमानित किया जा सकता है कि 'फ्लोट' श्रेणी में स्वदेशी सामग्री की लागत काफी अधिक है, जबकि 'युद्धक' श्रेणी में आयात सामग्री बहुत अधिक है।

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