सक्रिय पनडुब्बियां

भारतीय नौसेना की पनडुब्बियां

कलवरी श्रेणी

भा नौ पो कलवरी प्रोजेक्ट 75 के तहत निर्मित छह स्कोर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों में से एक है। इस पनडुब्बी को 14 दिसंबर 2017 को कमीशन किया गया था।

List of Kalvari Class
नाम पताका संख्या कमीशन तिथि
खंडेरी S.22 28 सितंबर 2019
कलवरी S 21 14 दिसंबर 2017

चक्र श्रेणी

भा नौ पो चक्र एक 8,140-टन अकुला श्रेणी की परमाणु ऊर्जा चालित पनडुब्बी है। आईएनएस चक्र को 04 अप्रैल 2012 में अधिकृत किया गया था।

चक्र श्रेणी
नाम पताका संख्या नियुक्ति की तिथि
चक्र एस 71 04 अप्रैल 2012

सिंधुघोष श्रेणी

सिंधुघोष श्रेणी की पनडुब्बियां कीलो श्रेणी की डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां हैं। इसे 877 ईकेएम नाम से निर्दिष्ट किया गया है तथा इसका निर्माण रोसवोरुझेनी और रक्षा मंत्रालय (भारत) के बीच एक अनुबंध के तहत किया गया था। पनडुब्बी में 3,000 टन भार के विस्थापन, अधिकतम 300 मीटर की गहराई तक गोता लगाने तथा 18 समुद्री मील की गति क्षमता है। सिंधुघोष श्रेणी की पनडुब्बियां 53 प्रशिक्षित चालक दल के साथ 45 दिनों तक निरंतर संचालन में सक्षम हैं।

सिंधुघोष श्रेणी
नाम पताका संख्या नियुक्ति की तिथि
सिंधुघोष एस 55 30 अप्रैल 1986
सिंधुध्वज एस 56 12 जून 1987
सिंधुराज एस 57 20 अक्टूबर 1987
सिंधुवीर एस 58 26 अगस्त 1988
सिंधुरत्न एस 59 22 दिसम्बर 1988
सिंधुकेशरी एस 60 16 फरवरी 1989
सिंधुक्रीति एस 61 04 जनवरी 1990
सिंधुविजय एस 62 08 मार्च 1991
सिंधुरक्षक एस 63 24 दिसम्बर 1997
सिंधुशास्त्र एस 65 19 जुलाई 2000

शीशुमार श्रेणी

शीशुमार श्रेणी के पोत (1500 प्रकार) की डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां हैं। इन पनडुब्बियों को जर्मन यार्ड हाउलड्स्वेर्क-ड्यूश वेरफ्रट (एचडीडब्लू) द्वारा विकसित किया जा रहा है। पहले दो पोत को काइल एचडीडब्लू द्वारा बनाया गया था, जबकि शेष का निर्माण मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) मुंबई में किया गया है। पोत को 1986 और 1994 के बीच चालू किया गया था। पनडुब्बी 40 प्रशिक्षित चालक दल तथा 8 अधिकारियों के साथ 1660 टन भार के विस्थापन तथा 22 समुद्री मील की गति (41 किमी/घंटा) क्षमता है। शीशुमार श्रेणी की पनडुब्बियों में आईकेएल - डिज़ाइन स्केप प्रणाली का प्रावधान किया गया है।

शीशुमार श्रेणी
नाम पताका संख्या नियुक्ति की तिथि
शीशुमार एस 44 22 सिंतम्बर 1986
शंकुश एस 45 20 नवम्बर 1986
शालकी एस 46 07 फरवरी 1992
शंकुल एस 47 28 मई 1994

टिप्पणी:-सभी पनडुब्बियों को भारतीय नौसेना द्वारा निर्दिष्ट नाम से नामित किया जाता है, जिसके अनुसार इनके नाम के पुर्व 'आईएनएस' शब्द जोड़ा जाता है।

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