शौर्य चक्र अमित सिंह राणा, एलएमई, 231243-बी

शौर्य चक्र अमित सिंह राणा, एलएमई, 231243-बी

शौर्य चक्र अमित सिंह राणा, एलएमई, 231243-बी

यह नौसैनिक मई 18 से ऑपरेशन रक्षक, जम्मू व कश्मीर में तैनात थे। एक के बाद एक दो ऑपरेशंस, ऑपरेशन दन्न व शोक बाबा में जहाँ आठ विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया गया था, इस नौसैनिक ने असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया। ऑपरेशन दन्न में, लेफ्टिनेंट कमांडर महेश कुमार के साथी के रूप में कवर देते हुए बहुत ही नज़दीक से एक आतंकवादी को मार गिराया, जबकि उस अधिकारी ने एक अन्य आतंकवादी को ढेर किया। 20-21 सितंबर को वे घेराबंदी और तलाशी के ऑपरेशन में 14 आरआर के साथ ऑपरेशन शोक बाबा में शामिल हुए, जहाँ 5-6 आतंकवादी शोक बाबा गाँव में एक घर में फंसे हुए थे। भारी कैलिबर वाले हथियारों और गोला बारूद का इस्तेमाल करने के बावजूद, आतंकवादी मिट्टी के घर/गाय के बाड़े में सुरक्षित छुपे रहे। इस समय, एएस राणा और टीम ने गाय के बाड़े को नष्ट करने के लिए ताकतवर आईईडी के साथ वहाँ जाने की इच्छा जताई। शेष मारकोस द्वारा भारी गोलाबारी करने के साथ ही, इस बहादुर सैनिक ने तेज़ी से दांव लगाते हुए गाय के बाड़े में आईईडी को रख दिया। वापस दांव लगाते हुए, उनके ऊपर गोली चलाई गई लेकिन अपने घनिष्ठ मित्र द्वारा नजदीकी से कवर फायर में वे बिना नुकसान वापस लौट आए। गाय के बाड़े को आईईडी से उड़ा दिया गया और भीतर बैठे तीन आतंकवादी ढेर हो गए।

जम्मू व कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के लिए तैनाती के दौरान, इस नौसैनिक ने अनेक ऑपरेशंस में भाग लिया था। ऐसे दो ऑपरेशंस के दौरान अर्थात ऑपरेशन शोक बाबा और ऑपरेशन दन्न में, उन्होंने अनुकरणीय साहस, सामरिक कौशल और उच्च स्तरीय वीरता का प्रदर्शन किया और आतंकवादियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई। इस नौसैनिक ने आतंकवादियों की ओर से भारी गोलाबारी में बम रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसके चलते उन्हें सफलतापूर्वक ढेर किया जा सका। इसके अलावा, इन्होंने निकट से आतंकवादियों को व्यस्त और काबू में रखने में अहम भूमिका निभाई जिसके कारण ऑपरेशन को आगे बढ़ाया जा सका। भारतीय सेना ने दोनों ऑपरेशंस के दौरान उनकी भूमिका की सराहना की है। गंभीर परिस्थितियों में अपने निःस्वार्थ कार्य करने के लिए, अमित सिंह राणा, एलएमई, 231243-एन को "शौर्य चक्र" से सम्मानित करने की अनुशंसा की जाती है।

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