चीफ ऑफ पर्सनेल (सीओपी)

वाइस एडमिरल आर हरी कुमार, एवीएसएम, वीएसएम

चीफ ऑफ पर्सनेल (सीओपी)

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र, फ्लैग ऑफिसर 01 जनवरी 1983 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए। गनरी के विशेषज्ञ, फ्लैग ऑफिसर ने काफी समय तक भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन युद्धपोतों का परिचालन किया है। वे तट रक्षक पोत C-01, भारतीय नौसेना पोत निशंक, कोरा, रणवीर और विराट का कमान संभाल चुके हैं। उनकी अन्य समुद्री नियुक्तियों में पश्चिमी बेड़े के फ्लीट ऑपरेशन्स ऑफिसर और फ्लीट गनरी ऑफिसर, भा.नौ.पो विपुल के ईएक्सओ, आईएनएस रंजीत के जी ओ, भा.नौ.पो कुठार के कमीशनिंग जी ओ और भा.नौ.पो रणवीर के कमीशनिंग जी ओ VIII के पद शामिल है। उनकी अपतटीय नियुक्तियों में मुख्यालय पश्चिमी नौसेना कमान में कमांड गनरी ऑफिसर, सेशेल्स सरकार में नौसेना सलाहकार और भा.नौ.पो द्रोणाचार्य में प्रशिक्षण कमांडर के पद शामिल है। उन्होंने दिसंबर 1992 से लेकर जनवरी 1993 तक सोमालिया के मोगादिशु (यूएनओएसओएम II) में संयुक्त राष्ट्र मिशन के सिविल-सैन्य संचालन केंद्र में कार्य किया। उन्होंने 1996 में नेवल वॉर कॉलेज, रोड आइलैंड, यूएसए में यूएस नेवल स्टाफ कोर्स, 2004 में एडब्ल्यूसी, माउ में आर्मी हायर कमांड कोर्स और 2009 में रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, लंदन में भाग लिया। उन्होंने जेएनयू से बीएससी, किंग्स कॉलेज, लंदन से एमए (इंटरनेशनल स्टडीज), मुंबई विश्वविद्यालय से एमफिल (रक्षा और सामरिक अध्ययन) और नरोत्तम मोरारजी इंस्टीट्यूट ऑफ शिपिंग, मुंबई से शिपिंग प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा किया है।

उनकी फ्लैग नियुक्तियों में गोवा में नेवल वॉर कॉलेज के कमांडेंट, फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग पश्चिमी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, और पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ ऑफ़ स्टाफ के पद शामिल है। उन्हें 2010 में विशिष्ट सेवा मेडल और 2016 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।

उनका विवाह श्रीमती कला नायर से हुआ और उनकी एक बेटी अंजना नायर है, जिसकी शादी श्री जयविजय से हुई है। वे एक अच्छे तैराक हैं, बैडमिंटन खेलना और टहलना उन्हें बहुत पसंद है।

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