शिवालिक क्‍लास, तलवार क्‍लास, कर्मोटा क्‍लास

भारतीय नौसेना के जहाज

फ्रीगेट्स

शिवालिक क्‍लास

यह बहु-भूमिका वाले तथा भारत में निर्मित विशेष सुविधाओं से सुस्ज्जित युद्ध-पोत है। इस श्रेणी के पोत का निर्माण मझगांव डॉक लिमिटेड, मुंबई द्वारा किया गया है। इस युद्ध-पोत का नामकरण भारतीय माउंटेन 'शिवालिक हिल्स' के नाम पर किया गया है।

शिवालिक श्रेणी
नाम पेनन्ट नं. समिति की तारीख
शिवालिक एफ 47 29 अप्रैल 2010
सतपुरा एफ 48 20 अगस्त 2011
सह्याद्री एफ 49 21 जुलाई 2012

तलवार क्‍लास

भारतीय नौसेना के तलवार श्रेणी के युद्धपोत का निर्माण भारत-रूस के संयुक्त उत्पादन के तहत रूस में किया गया है। तलवार श्रेणी के निर्देशित युद्धपोत को रूस द्वारा क्रिवक III श्रेणी में संशोधित किया जा रहा हैं। तलवार श्रेणी के युद्धपोत में 4,000 टन स्थानांतरण और 30 समुद्री मील की गति क्षमता है। इसके साथ ही यह मुख्य रूप से नौसेना मिशन की एक विस्तृत विविधता को खोजने एंव दुश्मन की पनडुब्बियों और बड़े सतही जहाजों को नष्ट करने में भी सक्षम है। स्टील्थ प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल और विशेष ढाँचे की डिजाइन होने के कारण यह युद्धपोत रडार क्रॉस सेक्शन (आरसीएस) के साथ ही विद्युत चुम्बकीय, ध्वनिक और अधोरक्त संकेतों को भी कम करने में सक्षम है।

तलवार श्रेणी
नाम पेनन्ट नं. समिति की तारीख
तलवार एफ 40 18 जून 2003
त्रिशूल एफ 43 25 जून 2003
तबार एफ 44 19 अप्रैल 2004
तेग एफ 45 27 अप्रैल 2012
तरकश एफ 50 12 नवम्बर 2012
त्रिकांड एफ 51 29 जून 2013

कमोर्टा श्रेणी

आईएनएस कमोर्टा, नौसेना डिजाइन निदेशालय (डीएनडी) के प्रोजेक्ट 28 के तहत नौसेना संगठन द्वारा डिजाइन चार एएसडब्ल्यू स्टील्थ में से पहला युद्धपोत है। आईएनएस कमोर्टा में 90% स्वदेशी घटको के प्रयोग के साथ इसकी लंबाई 110 मीटर, चौड़ाई 14 मीटर तथा विस्थापन 3500 टन है, यह पोत 25 समुद्री मील की गति से यात्रा कर सकता हैं। यह पोत पनडुब्बी रोधी रॉकेट एंव टॉर्पीडो, मध्यम तथा नजदीकी दूरी की हथियार प्रणालियों और स्वदेशी निगरानी रडार रेवती से सज्जित है। यह पोत एक एएसडब्ल्यू हेलीकाप्टर के वजन को उठाने में सक्षम है।

कमोर्टा श्रेणी
नाम पेनन्ट नं. समिति की तारीख
कमोरटा पी 28 23 अगस्त 2014

नोट:-: सभी जहाजों के नाम के आगे 'आईएनएस' लगा होता हैं जो भारतीय नौसेना द्वारा निर्दिष्ट नाम से भेजा जा रहा है।

Back to Top