चीफ ऑफ मैटेरियल (सीओएम)

वाइस एडमिरल जी. एस. पब्बी, एवीएसएम, वीएसएम

वाइस एडमिरल जी. एस. पब्बी, एवीएसएम, वीएसएम ने 31 अक्टूबर 2016 को भारतीय नौसेना के चीफ ऑफ मैटेरियल का पदभार ग्रहण किया। एडमिरल मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ऑनर्स के साथ स्नातक हैं तथा उन्होंने आईआईटी मुंबई से सिस्टम एंड कंट्रोल में एमटेक की डिग्री प्राप्त की है। साढ़े तीन दशकों के अपने शानदार करियर के दौरान, एडमिरल ने अग्रिम पंक्ति की विभिन्न श्रेणी के युद्धपोतों पर अपनी सेवाएं दी हैं, जिसके अंतर्गत रूस की पेट्या श्रेणी के जहाज, रूस की काशीन श्रेणी के विध्वंसक तथा स्वदेशी तौर पर डिज़ाइन एवं निर्मित दिल्ली श्रेणी के विध्वंसक पोत शामिल हैं।

उन्होंने मुंबई स्थित नौसेना के पोतगाह में कई चुनौतीपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है, जिसके अंतर्गत पोत के उपकरण एवं प्रणालियों की बड़े पैमाने पर मरम्मत और नवीनीकरण से संबंधित जटिल अभियांत्रिकी कार्यों के लगभग सभी पहलू शामिल हैं। वह गोदी में नए बुनियादी ढांचे की योजना बनाने एवं उनके निर्माण कार्य से भी संलग्न रहे हैं। दिसंबर 2009 में रियर एडमिरल के रैंक में पदोन्नति के बाद, उन्हें पश्चिमी नौसेना कमान के मुख्यालय में प्रमुख कार्मिक अधिकारी (तकनीकी) के रूप में नियुक्त किया गया और बाद में उन्हें विशाखापट्टनम स्थित नौसेना के पोतगाह में भेजा गया। विशाखापट्टनम स्थित नौसेना के पोतगाह के एडमिरल सुपरिटेंडेंट के रूप में, एडमिरल को पूर्वी तट के सभी पोतों एवं पनडुब्बियों की मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई थी तथा उनके मार्गदर्शन में कई जहाजों एवं रूसी पनडुब्बियों का नवीनीकरण किया गया।

बाद में एडमिरल को मुंबई में नौसेना परियोजनाओं के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया, जहां उनके निरीक्षण में नए शुष्क गोदी का निर्माण किया गया जो नौसेना का सबसे बड़ा शुष्क पोतगाह होगा। एडमिरल को उनके विशिष्ट सेवाओं के सम्मान के तौर पर विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।

वर्तमान पद पर अपनी नियुक्ति से पूर्व फ्लैग ऑफिसर युद्धपोत निर्माण एवं अधिग्रहण नियंत्रक के पद पर आसीन थे, और उन्होंने निर्माणाधीन पोतों एवं पनडुब्बियों के समय पर वितरण को सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रियाओं और उत्पादकता में सुधार हेतु रक्षा क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के साथ मिलकर काम किया है। एडमिरल ने भारतीय नौसेना के जहाजों एवं पनडुब्बियों के लिए उपकरणों के निर्माण में भारतीय उद्योग, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नीतियों एवं प्रक्रियाओं पर विभिन्न व्यावसायिक निकायों और भारतीय उद्योगों के साथ व्यापक रूप से बातचीत की है।

भारतीय नौसेना के प्रधान कार्मिक अधिकारी एवं सबसे वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी के रूप में, एडमिरल पोतों एवं पनडुब्बियों के लिए सभी प्रकार के उपकरणों और हथियार प्रणालियों के चयन, अधिष्ठापन और रखरखाव से संबंधित सभी पहलुओं के प्रभारी होंगे। प्रमुख सामुद्रिक एवं तकनीकी अवसंरचना के निर्माण के साथ-साथ भारतीय नौसेना के सभी रसद प्रबंधन कार्यों की जिम्मेदारी एडमिरल को दी गई है।

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