23 से 25 अप्रैल 2019 तक नौसेना कमांडरों का सम्मेलन 2019/01

23 से 25 अप्रैल 2019 तक नौसेना कमांडरों का सम्मेलन 2019/01

23 से 25 अप्रैल 2019 तक नई दिल्ली में 2019 के नौसेना कमांडरों के सम्मेलन का पहला संस्करण तय किया गया है। नौसेना कमांडरों के बीच बातचीत के लिए यह सम्मेलन सेवा के भीतर का सर्वोच्च मंच है। कमांडर प्रमुखों के साथ नौसेनाध्यक्ष पिछले छह महीनों में किए गए प्रमुख परिचालन, सैन्य सामग्री और उपकरण, सैन्य-तं‍त्र, एचआर, प्रशिक्षण और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और अगले छह महीनों की कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श करेंगे।

सम्मेलन का महत्व पुलवामा से जुड़ी उन घटनाओं की पृष्ठभूमि के लिए अधिक है जिसने देश की रक्षा पर अधिक ध्यान देने के लिए प्रेरित किया है, साथ ही, यह सम्मलेन समुद्री क्षेत्र में उभरती चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए उच्च नौसैनिक नेतृत्व को एक मंच प्रदान करेगा और धीरे-धीरे विकसित हो रहे भू-रणनीतिक परिवेश पर प्रतिक्रिया देने के लिए रणनीतियों को बेहतर बनाएगा।

पहले दिन माननीय रक्षा मंत्री नौसेना कमांडरों को संबोधित और उनके साथ बातचीत करेंगी। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ नौसेना कमांडरों की संस्थागत बातचीत के लिए भी सम्मेलन एक मंच के रूप में कार्य करता है।

सम्मेलन में भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के प्रमुखों के साथ बातचीत से परिचालन परिवेश का विश्लेषण किया जाएगा, त्रि-सेवा तालमेल पर विचार-विमर्श होगा और देश की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता पर मंडराने वाले खतरों को रोकने और बेअसर करने के लिए तैयारी की जाएगी।

'परिचालानात्मक दक्षता को बेहतर बनाने के लिए भारतीय नौसेना के कार्यात्मक पुनर्गठन’ और 'सर्वोत्तम कार्मिक आवश्यकता’ के विषय भारतीय नौसेना के लिए दीर्घकालिक रोड मैप को अंतिम रूप देने हेतु विचार-विमर्श का मूल आधार बनाएंगे।

नई क्षमताओं की प्राप्ति, नौसेना मुठभेड़ के क्षेत्रों में समाधान के लिए 'बिग डेटा एनालिटिक्स ’और 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ जैसी नई तकनीकों को काम में लाना, नेटवर्क/सूचना के अभिसरण, सैन्य-तं‍त्र, प्रशासन और निरंतर परिचालन के लिए उपकरण की स्थिति की निगरानी जैसे मुद्दों पर चर्चा करने की योजना बनाई गई है।

भारतीय नौसेना को किसी भी संकट के लिए आईओआर और प्रथम उत्तरदाता के रूप में नेट सिक्यूरिटी प्रोवाइडर से काफ़ी उम्मीदें हैं, इसे ध्यान में रखते हुए मंच में भारतीय नौसेना द्वारा हाल ही में समाप्त किए गए एचएडीआर परिचालन से मिली सीख और आईएफसी-आईओआर जैसे विभिन्न दूसरे समुद्री सुरक्षा पहल पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

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