स्वदेशीकरण में शामिल एजेंसियां

भारतीय नौसेना के उपकरण, प्रणालियों और उनके स्पेयर के स्वदेशीकरण में निम्नलिखित एजेंसियां शामिल हैं:-

  • (a) भारतीय नौसेना के भीतर. नौसेना के भीतर स्वदेशीकरण भारतीय उद्योग के माध्यम से निम्नलिखित उद्योगों / संगठनों द्वारा किया जाता है: -
    • डीओआई. सम्पूर्ण उपकरण और प्रणाली
    • आईयू. घटक और स्पेयर
    • मरम्मत यार्ड. घटक और उप-असेंबली
    • डीजीएनएआई और डीओएनओ. हथियार और उनके संचालन उपकरण के लिए
    • एनएएसडीओ और एनएवाई (कोच्चि / गोवा). विमानन स्पेयर के लिए
    • प्रोफेशनल डायरेक्टरेट्स. विक्रेता आधारित विकास
  • (b) डीआरडीओ. डीआरडीओ उन हथियारों और सेंसरों के विकास पर कार्य करता है, जो जटिल हैं और कठिनाई से प्राप्त होने वाले तकनीक के क्षेत्र में होते हैं।
  • (c) पीएसयू. पीएसयू डीआरडीओ के लिए उत्पादन-भागीदार हैं। कुछ उपकरणों का स्वदेशीकरण वे स्वतंत्र रूप से भी करते हैं और विदेशी ओईएम से टीओटी प्राप्त करते हैं।
  • (d) ओएफबी. आयुध वितरण प्राणाली (बंदूकें, फ्यूज, रॉकेट लांचर इत्यादि) का स्वदेशीकरण ओएफबी द्वारा किया जाता है। वे आयातित प्रणालियों के लिए टीओटी पार्टनर भी बनते हैं।

आईएचक्यू एमओडी / प्रोफेशनल डायरेक्टरेट्स, क्यूए और परीक्षण एजेंसियों की भागीदारी नीचे आंकड़ों में दिखायी गयी है।

Agencies of MoD

एमओडी की एजेंसियां

Professional Directorates of IHQ MoD(N)

आईएचक्यू एमओडी (एन) के प्रोफेशनल डायरेक्टरेट्स

Trial Agencies

परीक्षण एजेंसियां

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