रियर एडमिरल एमडी सुरेश, एवीएसएम, एनएम ने चीफ ऑफ़ स्टाफ, दक्षिणी नौसेना कमान का पदभार ग्रहण किया

रियर एडमिरल एमडी सुरेश, एवीएसएम, एनएम ने चीफ ऑफ़ स्टाफ, दक्षिणी नौसेना कमान का पदभार ग्रहण किया

08 जनवरी 2020 को रियर एडमिरल एमडी सुरेश, एवीएसएम, एनएम ने दक्षिणी नौसेना कमान (एसएनसी) - भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण कमान के नए कर्मचारी प्रमुख का पदभार ग्रहण किया। वे 01 जनवरी 1984 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे, और नेशनल डिफेंस अकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेवल वॉर कॉलेज, गोवा के पूर्व छात्र हैं।

फ्लैग ऑफिसर 'नौपरिवहन और दिशा-निर्देश' के ऐसे विशेषज्ञ हैं जिन्होंने विध्वंसक पोत राजपूत और राणा पर कार्य किया है और लेफ्टिनेंट कमांडर के रूप में मिसाइल बोट निर्भीक और विनाश की कमान संभाली। वे सेंट पीटर्सबर्ग, रूस में शुरू हुए स्टील्थ फ्रिगेट भा नौ पो तलवार के पहले कार्यकारी अधिकारी थे, और उन्होंने बाद में तलवार वर्ग के पोतों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए मुंबई में प्रोजेक्ट ट्रेनिंग टीम का नेतृत्व किया। वे स्वदेशी निर्मित P -17 स्टील्थ फ्रिगेट, भा नौ पो शिवालिक के पहले कमान अधिकारी भी थे।

नौसेना मुख्यालय में उनकी महत्वपूर्ण नियुक्तियों में 'वॉर रूम' के कमांडर और नौसेना संचालन के प्रधान निदेशक शामिल हैं। उन्होंने सैद्धांतिक राजनयिक कार्य भी किए हैं, जैसे कि भारत, ओमान, यूएई, कतर और बहरीन के दूतावासों के रक्षा सलाहकार।

उन्होंने फ्लैग ऑफिसर सिद्धांतों और अवधारणाओं के रूप में कार्य किया है, साथ ही, उन्होंने भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के उप कमांडेंट और मुख्य प्रशिक्षक (सीआई) के रूप में भी कार्य किया है। कर्मचारी प्रमुख, एसएनसी का पदभार ग्रहण करने से पहले, वे जनवरी, 2018 से इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के मुख्यालयों के लिए कार्य करने वाली डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी में इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के सहायक प्रमुख थे।

वे बेहतरीन नाविक हैं जिसने विशेष रूप से समुद्र में नौकायन का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, और वे उस त्रि-सेवा नौकायन दल का सदस्य रह चुके हैं जिसने 1988-89 में अपने 'राउंड द वर्ल्ड सेलिंग एक्सपीडिशन' के दौरान भारतीय नौसेना नौकायन पोत समुद्र को चलाया।

फ्लैग ऑफिसर को 2001 में कार्य के प्रति समर्पण के लिए नौ सेना मेडल और 2018 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।

अपनी मौजूदा नियुक्ति में, वे एसएनसी की प्रशिक्षण और संचालन भूमिकाओं को पूरा करते हुए फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में काम करेंगे। उन्होंने रियर एडमिरल आरजे नाडकर्णी, एवीएसएम, वीएसएम का पदभार संभाला है जो अब मुंबई में ऑफशोर डिफेंस एडवाइजरी ग्रुप के ध्वजाधिकारी का पदभार संभालेंगे। रियर एडमिरल सुरेश, कोझीकोड के निवासी हैं। उनका विवाह श्रीमती किराली सुरेश से हुआ, जो श्री शंकरा कॉलेज, कलाडी में सहायक प्रोफेसर हैं।

Back to Top