रक्षा मंत्री द्वारा मुंबई में भा नौ पो खंडेरी को कमीशन किया गया

रक्षा मंत्री द्वारा मुंबई में भा नौ पो खंडेरी को कमीशन किया गया

भा नौ पो खंडेरी, भारतीय नौसेना की कलवरी श्रेणी की डीज़ल इलेक्ट्रिक हमलावर पनडुब्बियों में से दूसरी पनडुब्बी है, जिसे माननीय रक्षा मंत्री, श्री राजनाथ सिंह द्वारा 28 सितंबर 2019 को कमीशन किया गया। मजगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा घरेलू रूप से निर्मित, भा नौ पो खंडेरी भारतीय नौसेना के पारंपरिक पनडुब्बी शस्त्रगृह को और घातक बनाएगी और इसे चुपके से छुप कर उपसतही कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में आयोजित एक औपचारिक समारोह में, रक्षा मंत्री ने कमीशनिंग पट्टिका का अनावरण करने से पहले गार्ड ऑफ़ ऑनर का निरीक्षण किया।

नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में एक शानदार सभा का संबोधन करते हुए, रक्षा मंत्री ने भा नौ पो खंडेरी की कमीशनिंग को "देश, भारतीय नौसेना और एमडीएल के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण" बताया। भारत और फ्रांस के बीच जारी भागीदारी और बढ़ते तालमेल के लिए उन्होंने फ़्रांस की सरकार और भारत में फ्रांस के राजदूत, महामहिम एमानुएल लेनेन का धन्यवाद किया। "हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि भारत उन कुछ देशों में से है जिसके पास पनडुब्बी निर्माण की क्षमता है", उन्होंने कहा। उन्होंने एक जबरदस्त प्लेटफ़ॉर्म को शामिल करने के लिए भारतीय नौसेना को बधाई दी और खंडेरी के कमान अधिकारी और चालक दल में अपना भरोसा व्यक्त किया। उन्होंने शानदार गार्ड ऑफ़ ऑनर के लिए पश्चिमी नौसेना कमान की भी प्रशंसा की और समुद्र में नौसेना के अधिकारियों और नौसैनिकों के साथ बातचीत करने की अपनी इच्छा व्यक्त की।

भा नौ पो खंडेरी का निर्माण भा नौ पो कलवरी के बाद किया गया है, जो फ्रेंच मूल की स्कोर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों में से पहली थी जिसका निर्माण भारत में घरेलू रूप से किया गया और जिसे 2017 में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा कमीशन किया गया। 2017 में सबसे पहले समुद्र में उतारी गई, भा नौ पो खंडेरी की लड़ने की क्षमता को प्रमाणिक करने के लिए अनेक विस्तृत परीक्षण किए गए हैं, टारपीडो और मिसाइलें दागी गई हैं। 19 सितंबर 2019 को परीक्षणों के समापन पर इसे भारतीय नौसेना के सुपुर्द किया गया। 67.5 मीटर लंबी और 12.3 मीटर ऊंची खंडेरी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का एक प्रतीक है जो कि पानी के नीचे छुप कर, चुपके से काम करती है और अनेक प्रकार के टारपीडो, मिसाइलों और सेंसरों से लैस है जो कि इसे दुश्मन के लक्ष्यों का पता लगाने, पहचान करने और नष्ट करने में सक्षम बनाते हैं।

खंडेरी का ऊपरी भाग भारत की समृद्ध समुद्री विरासत के प्रतीक, मुकुट की चोटी पर तीन पाल जहाज़ों को दर्शाता है। निचले भाग के डिज़ाइन में अशोक चक्र और उसके दोनों ओर एक घोड़ा और एक बैल दिखाया गया है और साथ में देवनागरी लिपि में पोत का नाम दर्शाती पट्टिका है। खंडेरी का सिद्धांत "अखंड अभेद्य अदृश्य" स्टेल्थ प्लेटफ़ॉर्म की अजय भावना का प्रतीक है।

इस पनडुब्बी को अपना नाम मूल भा नौ पो खंडेरी से मिला है, जो कि सोवियत मूल की फॉक्सट्राट श्रेणी की पनडुब्बी थी, जिसे 1968 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। मूल खंडेरी ने 1971 के युद्ध में भाग लिया था।

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