मालाबार-16 के लिए पूर्वी बेड़े का ओएसडी

मालाबार-16 के लिए पूर्वी बेड़े का ओएसडी

भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के अनुरूप भारत, अमेरिका तथा जापान के बीच बढ़ते हुए संबंधों के कारण भारतीय नौसेना के जहाज सतपुड़ा, सह्याद्रि, शक्ति और किर्च के साथ यूएसएन एवं जापानी समुद्रिक आत्मरक्षा बल (जेएमएसडीएफ) के साथ एक्स- मालाबार–16 के 20वें संस्करण में भाग ले रहे हैं। वर्ष 1992 से आईएन और यूएसएन नियमित तौर पर मालाबार नामक वार्षिक द्विपक्षीय अभ्यास कर रहे हैं। वर्ष 2007 के बाद से मालाबार अभ्यास वैकल्पिक रूप से भारत और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। अभ्यास के 19वें संस्करण, एक्स- मालाबार–16, का आयोजन चेन्नई तट से दूर किया गया था जिसमें जेएमएसडीएफ ने भी भागीदारी की थी।

इस अभ्यास का 20वां संस्करण, एक्स- मालाबार-16 का आयोजन 14 से 17 जून के बीच किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बंदरगाह चरण 10 से 13 जून तक तथा प्रशांत महासागर में समुद्री चरण 14 से 17 जून तक आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच अन्तरसंक्रियता को बढ़ाना तथा समुद्रिक सुरक्षा संक्रियाओं की आम सूझबूझ को विकसित करना है। मालाबार-16 के दायरे में, बंदरगाह में पेशेवर स्तर की वार्ता के साथ-साथ जटिल सतह, उप-सतह और हवाई परिचालन सहित समुद्री क्षेत्र की विविध गतिविधियां शामिल हैं।

मालाबार-16 के लिए पूर्वी बेड़े का ओएसडीमालाबार-16 के लिए पूर्वी बेड़े का ओएसडी

 

 

 

 

 

 

 

इस अभ्यास में भाग ले रहे भारतीय नौसेना के जहाज पूर्वी बेड़े से हैं, जिनमें स्वदेश निर्मित निर्देशित मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्रि एवं आईएनएस सतपुड़ा, आधुनिक फ्लीट टैंकर एवं समर्थक जहाज आईएनएस शक्ति, तथा स्वदेशी निर्देशित मिसाइल कार्वेट आईएनएस किर्च शामिल हैं। ये सभी जहाज एक सी किंग 42बी एएसडब्ल्यू हेलिकॉप्टर और दो चेतक हेलीकाप्टरों से लैस हैं।

मालाबार-16 के लिए पूर्वी बेड़े का ओएसडी         मालाबार-16 के लिए पूर्वी बेड़े का ओएसडी

 

 

 

 

 

 

इस अभ्यास में अमेरिकी नौसेना का प्रतिनिधित्व, यूएसएन के 7वें बेड़े का सीटीएफ 70 करेगा, जो योकोसुका जापान में संस्थापित है। इस सीटीएफ में विमान वाहक यूएसएस जॉन सी स्टैनिस (सीवीएन 74) के साथ-साथ टिकॉन्देरोगा श्रेणी का क्रूजर यूएसएस मोबाइल बे एवं आर्लेय बर्क श्रेणी का विध्वंसक यूएसएस स्टॉकडेल तथा यूएसएस चुंग हून शामिल होगा, और सभी जहाजों में हेलीकॉप्टर मौजूद होंगे। इसके अलावा, एक परमाणु संचालित पनडुब्बी, वाहक विमान और लंबी दूरी का समुद्रिक गश्ती विमान भी अभ्यास में शामिल होगा।

इस अभ्यास के विशिष्ट भागों के लिए अन्य उन्नत युद्धपोतों के अलावा, जेएमएसडीएफ का प्रतिनिधित्व एसएच 60-के अभिन्न हेलीकाप्टरों से लैस एक हेलीकाप्टर वाहक लंबी दूरी का समुद्रिक गश्ती विमान, जेएस हयूगा करेगा। इसके अलावा तीनों नौसेनाओं के विशेष बल (एसएफ) भी अभ्यास के दौरान बातचीत करेंगे। मालाबार-16 आपसी विश्वास और अन्तरसंक्रियता के साथ-साथ भारतीय, जापानी और अमेरिकी नौसेनाओं के बीच सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को साझा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभ्यास से भारत-प्रशांत क्षेत्र में समुद्रिक सुरक्षा में मदद मिलेगी और वैश्विक समुद्रिक समुदाय को भी फायदा होगा।

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