माननीय रक्षामंत्री, श्री मनोहर पर्रिकर ने एमडीएल में पनडुब्बी सभा कार्यशाला का उद्घाटन किया

माननीय रक्षामंत्री, श्री मनोहर पर्रिकर ने एमडीएल में पनडुब्बी सभा कार्यशाला का उद्घाटन किया

माननीय रक्षामंत्री, श्री मनोहर पर्रिकर ने 28 मई, 2016 को मज़गांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल), मुंबई में नव निर्मित पनडुब्बी सभा कार्यशाला का उद्घाटन किया। समारोह के दौरान, रियर एडमिरल आर.के. शेरावत (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एमडीएल ने वाइस एडमिरल सुनील लांबा, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी नौसेना कमान तथा सुश्री स्नेहल अम्बेकर, मुंबई की महापौर का स्वागत किया। मज़डॉक आधुनिकीकरण परियोजना (एमएमपी) के तहत बनाई गई विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के अलावा पनडुब्बी सभा कार्यशाला, नौसेना के लिए पनडुब्बी निर्माण की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को पूरा करने में एमडीएल को सक्षम बनाएगा। एमएमपी के तहत निर्मित सुविधाओं के चलते, युद्धपोतों और पनडुब्बियों के निर्माण हेतु आवश्यक समय को कम करने के लिए आधारभूत संरचना को प्रोत्साहन मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों की अवधि में इस प्रकार से क्षमता बढ़ाए जाने के कारण, भारतीय नौसेना एवं तटरक्षक बल के लगभग सभी युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निर्माण देश में ही कर पाना असंभव हो गया है।

माननीय रक्षामंत्री, श्री मनोहर पर्रिकर ने एमडीएल में पनडुब्बी सभा कार्यशाला का उद्घाटन किया

नवनिर्मित सुविधा की पट्टिका का अनावरण करते हुए माननीय रक्षामंत्री, श्री मनोहर पर्रिकर

समारोह के दौरान, श्री पर्रिकर ने इस अत्याधुनिक कार्यशाला के अधिष्ठापन पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि, वर्ष 1993 के बाद से देश में पनडुब्बी निर्माण बंद कर दिया गया था जिससे हाल ही में स्कॉर्पियन परियोजना द्वारा पुनर्जीवित किया गया है। उन्होंने कहा कि, ऑर्डर की कमी के कारण पनडुब्बी निर्माण के क्षेत्र में कौशल खोना नहीं चाहिए। हालांकि, उन्होंने निर्देश दिया कि पनडुब्बियों की अगली पंक्ति में स्वदेशीकरण का समग्र स्तर काफी उच्च होना चाहिए। उन्होंने एमडीएल के प्रदर्शन को गौरवान्वित करने वाला बताया, जिसमें उत्पादन मूल्य वर्ष 2013-14 के 2865 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2015-16 में लगभग 4009 करोड़ रुपये (लगभग 40% की वृद्धि) हो गया। उन्होंने चार रक्षा पीएसयू के लिए निर्यात प्रकोष्ठ की स्थापना के जरिए, जहाजों के निर्यात के लिए परियोजनाओं के शुभारंभ की अपनी इच्छा व्यक्त की। उन्होंने यार्ड और उसके अधिकारियों से देश के भावी विकास में सुधार के लिए लगातार नई तकनीक को अपनाने का भी आग्रह किया।

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नव अधिष्ठापित पनडुब्बी सभा कार्यशाला के अंदर रखा गया निर्माणाधीन पनडुब्बी का हिस्सा

इस अत्याधुनिक कार्यशाला के अधिष्ठापन के साथ, एमडीएल ने पनडुब्बियों के लिए अनुषंगी निर्माण/असेंबली लाइन की अद्वितीय क्षमता हासिल की है। लगभग 153 करोड रुपये की लागत से निर्मित इस कार्यशाला में एक साथ पांच पनडुब्बियों को असेंबल करना/तैयार करना संभव होगा। 220एम x 45एम x 39एम के आकार की यह कार्यशाला एक पूर्व-अभियांत्रिक इमारत संरचना है, जिसमें कई पनडुब्बियों के निर्माण को संभालने के लिए विभिन्न स्तरों पर कुल 07 ईओटी/अर्ध-गोलियथ क्रेन (भारोत्तोलन यंत्र)हैं। कार्यशाला के समीपस्थ अद्वितीय वास्तुशिल्प डिजाइन के साथ एक कार्यालय परिसर भी है।

माननीय रक्षामंत्री, श्री मनोहर पर्रिकर ने एमडीएल में पनडुब्बी सभा कार्यशाला का उद्घाटन किया

मॉड्यूलर कार्यशाला में माननीय रक्षामंत्री, श्री मनोहर पर्रिकर

नई कार्यशाला देश में अपनी तरह का पहला है, जिसमें वर्षा जल संचयन, सीवेज उपचार संयंत्र, अनुपचारित जल उपचार संयंत्र, तथा वाहित मल, अनुपचारित जल और तेल मिश्रित जल के उपचार के लिए तेल-जल पृथक्कारी संयंत्र का नगरपालिका की नालियों में शून्य निर्वहन के साथ हरित भवन की सुविधाएं शामिल हैं।

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1774 के बाद से परिचालनाधीन एमडीएल के सबसे पुराने सूखे गोदी की मरम्मत के बाद फिर से कमीशनिंग के अवसर पर माननीय रक्षामंत्री, श्री मनोहर पर्रिकर

रक्षामंत्री ने एमडीएल में माज़डॉक आधुनिकीकरण परियोजना के एक हिस्से के रूप में निर्मित मॉड्यूलर वर्कशॉप का भी दौरा किया। रक्षामंत्री ने 1774 के बाद से परिचालनाधीन एमडीएल के सबसे पुराने सूखे गोदी की मरम्मत के बाद फिर से कमीशनिंग की।

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