महानिदेशक चिकित्सा सेवा (नौसेना)

सर्जन वाइस एडमिरल एमवी सिंह, एवीएसएम, पीएचएस डीजीएमएस (नौसेना)

महानिदेशक चिकित्सा सेवा (नौसेना)

एमएलएन मेडिकल कॉलेज, इलाहाबाद के पूर्व छात्र सर्जन वाइस एडमिरल एमवी सिंह, एवीएसएम, पीएचएस 1983 में वायु सेना में शामिल हुए थे। उन्होंने 1990 में एएफएमसी पुणे से अपना एमडी (पीएसएम) किया था।

अपनी 35 वर्षों की सेवा के दौरान, ध्वजाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और कर्मचारी नियुक्तियाँ प्राप्त की, जैसी कि, वायु सेना अकादमी में ओआईसी एसएचओ, लड़ाकू और परिवहन बेस के एसएमओ, सीएसी और ईएसी के डिप्टी पीएमओ, सीएसी और टीसी के पीएमओ, एयर हेडक्वार्टर के पीडीएमएस (पी), कमांडेंट सीएचएएफ बेंगलुरु और कमांडेंट, एएमसी सेंटर और कॉलेज एंड ओआईसी रिकॉर्ड्स।

वे सशस्त्र बलों में वरिष्ठतम सेवारत सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञ हैं। वे सीएसी, ईएसी और एमसी के लिए वरिष्ठ सलाहकार सामुदायिक चिकित्सा रह चुके हैं। वे मलेरिया विज्ञान में डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रशिक्षित विशेषज्ञ हैं, उन्होंने पिछले दो दशकों में आईएएफ में वेक्टर नियंत्रण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। उन्होंने भारतीय वायुसेना में जोर-शोर से अल्कोहल एब्यूज कंट्रोल प्रोग्राम, ओबेसिटी कंट्रोल प्रोग्राम, सुसाइड प्रिवेंशन प्रोग्राम और आईएएफ में सीबीआरएन प्रशिक्षण को भी कार्यान्वित किया। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में पेपर भी प्रस्तुत किए हैं। उनकी पेशेवर विशेषज्ञता के लिए, वायु अधिकारी को 2010 में हवाई, यूएसए के पांडेमिक इन्फ्लुएंजा पर भारतीय दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था।

10 जून 2019 को ध्वजाधिकारी ने महानिदेशक चिकित्सा सेवा (नौसेना) का पदभार ग्रहण किया। फ्लैग ऑफ़िसर ने वर्तमान नियुक्ति को संभालने से पूर्व, वे कमांडेंट, एएमसी सेंटर एंड कॉलेज और ओआईसी रिकॉर्ड में नियुक्त थे।

उनकी बेहतरीन और मेधावी सेवा, निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में परिश्रम के वास्तविक गुणों और अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्टता के साथ प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए उन्हें 2011 में सीएएस कमेंडेशन और 2019 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया और 01 जून 19 को उन्हें भारत के राष्ट्रपति के मानद सर्जन के रूप में नियुक्त किया गया है।

उनकी पत्नी डॉ. (श्रीमती) अर्चना सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संस्कृत की सहयोगी प्रोफेसर हैं और उनकी दो बेटियां अभिधा और अलंकृता है।   

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