भारत-थाईलैंड समन्वित गश्त (कॉर्पेट)

भारत-थाईलैंड समन्वित गश्त (कॉर्पेट)

भारत-थाईलैंड समन्वित गश्त (कॉर्पेट)

ध्वजारोहण और सेमफोर प्रशिक्षण

अंडमान और निकोबार कमांड के बेस पर स्वदेशी रूप से निर्मित मिसाइल कार्वेट आईएनएस कार्मुक, डोर्निएर समुद्री पेट्रोल वायुयान के साथ अंडमान सागर में 19 से 27 अप्रैल 16 तक निर्धारित 22वें भारत-थाईलैंड कोऑर्डिनेटेड पेट्रोल (कोरपेट) में भाग ले रही है।

भारत-थाईलैंड समन्वित गश्त (कॉर्पेट)

केएलएईएनजी पर कार्मुक वीबीएसएस दल

भारत और थाईलैंड के बीच समुद्री वार्ता बहुपक्षीय अभ्यासों और प्रशिक्षण विनिमयों में सहभागिता के लिए बारंबार बंदरगाह दौरों के कारण तेजी से बढ़ती जा रही है। इस मजबूत समुद्री संबंध के व्यापक दायरे के अंतर्गत, दोनों नौसेनाएं वाणिज्यिक शिपिंग और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए हिन्द महासागर क्षेत्र की कुशलता और सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण भाग को लक्ष्य बनाने के साथ 2005 से वर्ष में दो बार अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पर कोरपेट को पूरा कर रही है। कोरपेट ने नौसेनाओं के बीच समझ और अंतरसंक्रियता को भी मजबूत किया है और खोज एवं बचाव (एसएआर) कार्यों को करने के साथ-साथ समुद्र में ग़ैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के उपायों के लिए प्रशिक्षण भी दिया है।

भारत-थाईलैंड समन्वित गश्त (कॉर्पेट)

आरटीएन डोर्निएर - सहभागी सैन्य-बल

कोरपेट के 22वें संस्करण में दोनों ओर के एक युद्धपोत और एक समुद्री पेट्रोल वायुयान शामिल होंगे, साथ ही समापन समारोह 25-27 अप्रैल 16 से पोर्टब्लेयर, हेडक्वार्टर अंडमान और निकोबार कमांड (एचक्यूएएनसी) में आयोजित किया जाएगा। फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ़, अंडमान और निकोबार कमांड, नौसेना उप प्रमुख बीके वर्मा, एवीएसएम और रॉयल थाईलैंड नौसेना के पूर्व नौसेना प्रमुख वारोंगकोर्न ओसाथनोंडा, कमांडर, फांगंग नौसेना बेस, तीसरे नौसेना क्षेत्र कमांड समापन समारोह में वरिष्ठ अधिकारी होंगे।

भारत और थाईलैंड में घनिष्ठ और मित्रवत संबंध हैं, जिसमें गतिविधियों और बातचीत के व्यापक स्पेक्ट्रम को शामिल किया गया है, जो पिछले कुछ वर्षों में सशक्त हुआ है। कोरपेट का 22वां संस्करण दोनों राष्ट्रों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध को पहले से ही उभारता रहा है और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण रूप से योगदान देता रहा है।

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