भारतीय युद्धपोतों की पोर्ट केलंग, मलेशिया यात्रा

भारतीय युद्धपोतों की पोर्ट केलंग, मलेशिया यात्रा

भारतीय युद्धपोतों की पोर्ट केलंग, मलेशिया यात्रा

ध्वज-पोत आईएनएस शक्ति का बॉस्टेड क्रूज़ टर्मिनल, पोर्ट केलंग आगमन

भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ तथा भारतीय नौसेना के बढ़ते कदमों एवं संक्रियात्मक दायरे के विस्तार की अभिव्यक्ति के तौर पर, दक्षिणी चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में पूर्वी बेड़े की तैनाती के भाग के रूप में भारतीय नौसेना के पोत सह्याद्रि, शक्ति और किर्च आज पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर, रियर नौसेना अध्यक्ष एस. वी. भोकारे, वाईएसएम, एमएम की अगुवाई में चार दिवसीय यात्रा पर 15 जुलाई, 16 को पोर्ट केलंग पहुंचे। 

इस यात्रा के दौरान, भारतीय नौसेना के पोत तथा रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच पारस्परिक सहयोग को बेहतर बनाने के लिए पेशेवर स्तर की वार्ता होगी। इसके अलावा, दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ और संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार एवं सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन तथा बेहतर कार्यप्रणाली को साझा करने की योजना भी बनाई गई है। पोर्ट केलंग से प्रस्थान के बाद यह जहाज रॉयल मलेशियाई नौसेना के साथ एक अभ्यास में भाग लेगा, जिसका उद्देश्य संचार के साथ-साथ खोज एवं बचाव प्रक्रियाओं में अन्तरसंक्रियता को बेहतर बनाना है।

भारत और मलेशिया के बीच दो सदियों से चले आ रहे सशक्त मैत्रीपूर्ण संबंध, दक्षिण भारत और मलय प्रायद्वीप के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आर्थिक संबंधों पर आधारित है। भारत और मलेशिया के वर्तमान रिश्तों का आधार आर्थिक एवं व्यावसायिक हैं। आसियान में मलेशिया, भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। रक्षा के क्षेत्र में भारत एवं मलेशिया के बीच औपनिवेशिक काल से ही घनिष्ठ संबंध रहे हैं, जब मद्रास के स्थानीय निवासियों की पैदल सेना ने मलक्का, सिंगापुर और पेनांग में अपनी सेवाएं दीं थीं। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापक नौसैनिक सहयोग को दोनों देशों की ओर से नियमित तौर पर बंदरगाह यात्राओं, उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के दौरों तथा प्रशिक्षण के आदान-प्रदान से बल मिला है। भारतीय नौसेना ने मलेशिया में आयोजित की जाने वाली लैंगकॉवी अंतर्राष्ट्रीय समुद्रिक एवं हवाई प्रदर्शनी (लीमा) में नियमित तौर पर भाग लिया है। इससे पहले मई 2015 में किसी नौसेना के पोत ने मलेशिया की यात्रा की थी। इस दौरान भारतीय युद्धपोत सरयू पेनांग बंदरगाह पहुंचा था।

मौजूदा यात्रा का उद्देश्य भारतीय नौसेना तथा रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच समुद्रिक सहयोग को बेहतर बनाना है। इससे भारत और मलेशिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध सुदृढ़ होंगे तथा विश्व के इस महत्वपूर्ण हिस्से में सुरक्षा एवं स्थायित्व को बरकरार रखने में मदद मिलेगी।

आईएनएस सह्याद्रि की कमान कैप्टन के. एस. राजकुमार के हाथों में है, जबकि आईएनएस शक्ति की कमान कैप्टन गगन कौशल के पास तथा आईएनएस किर्च की कमान कमांडर शरद सिंशुन्वाल के हाथों में है।

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