भारतीय नौसैनिक युद्धपोत त्रिकंद की मापुतो, मोज़ाम्बिक यात्रा

भारतीय नौसैनिक युद्धपोत त्रिकंद की मापुतो, मोज़ाम्बिक यात्रा
(17-20 सितंबर 2016)

मोज़ाम्बिक के साथ संबंधों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता तथा भारतीय नौसेना के पदचिह्न एवं संक्रियात्मक दायरे के विस्तार को दर्शाने के लिए, भारतीय नौसैनिक युद्धपोत त्रिकंद अफ्रीका के पूर्वी तट पर स्थित देशों एवं पश्चिमी हिंद महासागर में स्थित द्वीप राष्ट्रों में पश्चिमी बेड़े की तैनाती के हिस्से के रूप में तीन दिनों की यात्रा पर मापुतो पहुंचा। यह पोत पश्चिमी नौसेना कमान के तहत मुंबई में स्थित भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का हिस्सा है तथा भारतीय नौसेना के युद्धपोतों कोलकाता और आदित्य के साथ पश्चिमी हिंद महासागर में दो महीने की तैनाती पर है।

भारतीय नौसैनिक युद्धपोत त्रिकंद की मापुतो, मोज़ाम्बिक यात्रा

इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाना, मित्रता के मौजूदा बंधन को सशक्त करना तथा भारत एवं मोज़ाम्बिक के बीच समुद्रिक सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है। बंदरगाह में प्रवास के दौरान विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई गई है, जिसमें दोनों नौसेनाओं के बीच आधिकारिक स्तर की वार्ता, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पेशेवर बातचीत शामिल है। प्रवास के दौरान, यह पोत आम लोगों के दौरे के लिए भी खुला रहेगा। पोत का नेतृत्व कमान अधिकारी, कैप्टन अर्जुन देव नायर कर रहे हैं, जिन्हें भारतीय नौसेना के पेशेवर और अत्यधिक उत्साही कर्मियों की टीम का सहयोग प्राप्त है।

भारतीय नौसैनिक युद्धपोत त्रिकंद की मापुतो, मोज़ाम्बिक यात्रा
   

भारत और मोज़ाम्बिक के बीच समुद्रिक संबंधों का इतिहास कई सौ वर्ष पुराना है। मोजाम्बिक में मौजूद बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने हमारे साझा सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत और सामान्य मूल्यों को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से योगदान दिया है। हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की यात्रा ने दोनों देशों के बीच के संबंधों को और मजबूती प्रदान की है। विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें बहुमूल्य और अर्द्ध-बहुमूल्य पत्थरों, कृषि उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, इस्पात, चीनी और सीमेंट सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। नौसेना के जहाजों द्वारा बंदरगाह यात्राओं की बढ़ती आवृत्ति से दोनों देशों के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग स्पष्ट है। मोज़ाम्बिक में किसी आईएन पोत की ऐसी आखिरी यात्रा 17 नवंबर, 2014 को हुई थी, जब भारतीय नौसेना के पोत तेग ने नाकाला का दौरा किया था। वर्तमान यात्रा भारत और मोज़ाम्बिक के बीच दोस्ती के मौजूदा बंधन को सशक्त करने तथा इस क्षेत्र के मित्र देशों के साथ भारत की शांतिपूर्ण उपस्थिति और एकजुटता को रेखांकित करती है।

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