भारतीय नौसेना अकादमी को राष्ट्रपति पताका से सम्मानित किया गया

भारतीय नौसेना अकादमी को राष्ट्रपति पताका से सम्मानित किया गया

भारत के माननीय राष्ट्रपति और भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर, श्री राम नाथ कोविंद ने 20 नवंबर 2019 को भारतीय नौसेना अकादमी (भा नौ अ) को राष्ट्रपति पताका से सम्मानित किया। राष्ट्रपति पताका - सैन्य इकाई को प्रदान किया जाने वाला उच्चतम सम्मान - इसे अकादमी कैडेट कैप्टेन सुशील सिंह द्वारा भा नौ अ की ओर से एक शानदार परेड में प्राप्त किया गया जिसमें भा नौ अ के 730 कैडेट शामिल हुए और 150 जवानों ने गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया। इस अवसर को मनाने के लिए माननीय राष्ट्रपति द्वारा एक विशेष डाक कवर भी जारी किया गया।

राष्ट्रपति पताका से सम्मानित करने और नौसेना अकादमी के 50 वर्ष पूरे होने के दौरान भारत के माननीय राष्ट्रपति ने भा नौ पो के वर्तमान व भूतपूर्व सैनिकों को इस महान दिन को सार्थक बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने और समर्पण के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा "सुबह की शानदार परेड का आयोजन इस अकादमी की उच्च प्रतिष्ठा के अनुरूप किया गया जिसे अकादमी ने बहुत थोड़े ही समय में अर्जित किया है। राष्ट्रपति पताका इस विश्वस्तरीय संस्था से पास आउट करने वाले अधिकारियों को प्रेरणा देने के लिए एक प्रेरणादायक प्रतीक के रूप में काम करेगी।"

केरल के माननीय राज्यपाल, श्री आरिफ मोहम्मद खान, एडमिरल करमबीर सिंह, पीवीएसएम, एवीएसएम, एडीसी, नौसेना अध्यक्ष, केरल के बंदरगाह, संग्रहालय, पुरातत्व और अभिलेखागार मंत्री, श्री रामचंद्रन कदन्नापल्ली, वाइस एडमिरल एके चावला, एवीएसएम, एनएम, वीएसएम, फ्लैग ऑफिसर कमान प्रमुख दक्षिण नौसेना कमान, और सेना के अन्य अधिकारियों और असैनिक गणमान्य व्यक्तियों ने इस अवसर की शोभा बढ़ाई। इस कार्यक्रम में भा नौ अ के सैनिकों और असैनिकों के अलावा केरल के एनसीसी कैडेटों की 32वीं बटालियन, सैनिक स्कूल, कोडागु के बच्चों और पय्यान्नुर के स्थानीय स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर को मनाने के लिए भारतीय नौसेना पोत मगर और सुजाता और भारतीय तट रक्षक बल के पोत सारथी को एत्तिकुलम खाड़ी में लंगर बंद किया गया।

भारतीय नौसेना अकादमी को राष्ट्रपति पताका का सम्मान संस्था द्वारा तीन विभिन्न स्थानों, कोच्चि, गोवा और एझिमाला में पिछले पचास वर्षों से नौसेना अधिकारियों को दिए जा रहे नेतृत्व प्रशिक्षण द्वारा उसकी अंगरक्षक सेवा को मान्यता देने के लिए दिया गया है। नौसेना अकादमी की सबसे पहले स्थापना 1969 में कोच्चि में एक अस्थाई स्थान पर की गई थी। प्रशिक्षुओं की संख्या में बढ़ोतरी के साथ ही, 1986 में नौसेना अकादमी को गोवा में भा नौ पो मंडोवी में पुनर्स्थापित किया गया। भारतीय नौसेना अकादमी (भा नौ अ) को एझिमाला, केरल में अपना स्थाई आवास मिला और 08 जनवरी 2009 को इसका उद्घाटन किया गया। 10 वर्षों में भा नौ पो, एझिमाला ने भारतीय नौसेना और तट रक्षक बल को 531 महिला अधिकारियों सहित 5930 अधिकारी दिए हैं। वर्तमान में भा नौ अ में 44 महिला प्रशिक्षुओं और विदेशी मित्र देशों से 26 प्रशिक्षुओं सहित 963 प्रशिक्षु हैं।

तीनों सेनाओं में से नौसेना को सबसे पहले 27 मई 1951 में राष्ट्रपति पताका से सम्मानित किया गया। भा नौ अ के अलावा, भारतीय नौसेना की दक्षिण नौसेना कमान, पूर्वी नौसेना कमान, पश्चिम नौसेना कमान, पश्चिमी और पूर्वी बेड़े और साथ में पनडुब्बी टुकड़ी को भी साथ में सम्मानित किया गया।

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