नौसेना द्वारा गज चक्रवात से हुए विनाश की सीमा का हवाई आंकलन

गज चक्रवात राहत कार्यों में नौसेना की भागीदारी

नागापट्टीनम में तैनात भारतीय नौसेना कर्मियों ने सार्वजनिक इमारतों और सड़कों की सफाई के लिए राज्य के अधिकारियों, एनडीआरएफ व आम जनता की सहायता की। 16 नवंबर 2018 को पूरा दिन राहत कार्य किए गए जो 17 नवंबर 2018 को भी जारी रहा। चक्रवात से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने में राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयासों में वृद्धि हेतु नागरिक प्रशासन द्वारा अनुरोध करने पर 17 नवंबर 2018 को भा नौ पो चेत्लत और चेरियम खाद्य सामग्री के साथ करैकल एएम में पहुँचे। भा नौ पो कोरा दिव्ह और कारनिकोबार को भी राहत कार्यों में मदद के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, भा नौ पो राजाली से चेतक व डोर्नियर विमानों को नुकसान का आकलन करने के लिए हवाई मुआयना करने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले, चक्रवात के पहुँचने से दो दिन पहले मछुआरों को तट पर वापस लौटने और आश्रय लेने की चेतावनी देने के लिए भा नौ के पोतों व विमानों को तैनात किया गया था।

नौसेना द्वारा गज चक्रवात से हुए विनाश की सीमा का हवाई आंकलन

भा नौ पो परुंदु द्वारा गज चक्रवात द्वारा प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए मोबाइल चिकित्सा टीम तैनात की गई। 12 कर्मचारियों वाली मोबाइल चिकित्सा टीम जिसमें कि चिकित्सक, परा चिकित्सक व अन्य सहायक कर्मचारी शामिल थे उन्होंने 17 नवंबर 2018 को रामनाथपुरम जिले के पांच गाँवों में चिकित्सा परामर्श प्रदान किया गया। गाँव वासियों को सफाई, पोषण और पानी और वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के पहलुओं पर सूचना भी दी गई। चक्रवात से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए, 16 और 17 नवंबर 2018 को दक्षिण तमिलनाडु के तट से पॉइंट केलीमेर, कोडियाककराई के निकट हवाई मुआयना करने के लिए भा नौ पो परुंदु से चेतक हेलीकॉप्टर तैनात किया गया था। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में राहत कार्य आरंभ करने हेतु खींची गई तस्वीरों को जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया।

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