जून 2015 - भारतीय नौसेना के जहाजों की विदेशों में तैनाती

23 जून 15

भारतीय नौसेना के जहाजों का सिहोनुकविले, कंबोडिया और सत्तहिप, थाईलैंड में प्रवेश

भारत की 'लुक ईस्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीति का अनुपालन करते हुए, भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के जहाजों को रियर एडमिरल अजेन्द्र बहादुर सिंह, वीएसएम, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग ईस्टर्न फ्लीट (एफओसीईएफ) की कमान के तहत दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिणी हिंद महासागर में दो महीने लंबे संक्रियात्मक अभ्यास हेतु तैनात किया गया।

आईएनएस शक्ति का सत्तहिप बंदरगाह में प्रवेश

आईएनएस शक्ति का सत्तहिप बंदरगाह में प्रवेश

परियोजन के एक भाग के तौर पर दो भारतीय युद्धपोतों, आईएनएस रणवीर (एक मार्गदर्शित मिसाइल विनाशक) और आईएनएस कमोर्ता (स्वदेश निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धपोत) ने सिहोनुकविले, कंबोडिया पहुंचे, तथा अन्य दो युद्धपोत अर्थात आईएनएस सतपुड़ा, एक स्वदेश निर्मित निर्देशित मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट और आईएनएस शक्ति, एक परिष्कृत बेड़ा टैंकर और सहायक पोत, क्रमशः चार दिवसीय यात्रा पर 23 जून 15 थाईलैंड के सत्तहिप पहुंचे। इससे पहले जून 2010 में भारतीय नौसेना के जहाज ने थाईलैंड की यात्रा की थी।

थाईलैंड में स्वागत समारोह

थाईलैंड में स्वागत समारोह

रॉयल थाईलैंड नौसेना कर्मियों के साथ एफओसीईएफ

रॉयल थाईलैंड नौसेना कर्मियों के साथ एफओसीईएफ

इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और इन दो मित्रवत राष्ट्रों के नौसैनिकों के बीच अन्तरसंक्रियता को बढ़ावा देना है।

रॉयल थाईलैंड नौसेना कर्मियों के साथ विचार-विमर्श

रॉयल थाईलैंड नौसेना कर्मियों के साथ विचार-विमर्श

45 दिनों के परिनियोजन के बाद अब इन जहाजों की वापसी होगी। बंदरगाह में प्रवास के दौरान आधिकारिक स्तर की वार्ता, दोनों नौसेना के कर्मियों के बीच पेशेवर बातचीत, जहाज पर स्वागत और जहाज यात्रा जैसी विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई गई। सिहोनुकविले से प्रस्थान के बाद, आईएनएस रणवीर और आईएनएस कमोर्ता खोज एवं बचाव सहित समुद्रिक अन्तरसंक्रियता को बढ़ाने के लिए कंबोडियन नौसेना के साथ अभ्यास करेंगे। इन जहाजों ने परिनियोजन के दौरान सिंगापुर, जकार्ता (इंडोनेशिया), फ्रीमेन्टले (ऑस्ट्रेलिया) और कुआंतान (मलेशिया) का दौरा किया है। इस परिनियोजन के दौरान दो युद्धपोतों ने 20-26 मई 15 के बीच रॉयल सिंगापुर नौसेना के साथ सिमबैक्स-15 नामक द्विपक्षीय अभ्यास में भी भाग लिया।

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